ढेंकनाल, ओड़िशा — भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) के ढेंकनाल परिसर ने अपने प्रमुख मास्टर प्रोग्राम, MA in Corporate Communication & Brand Management (CCBM) के शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए ‘लैटरल एंट्री’ (Lateral Entry) की घोषणा की है। यह उन पूर्व छात्रों के लिए एक शानदार अवसर है जो अपनी पीजी डिप्लोमा की पढ़ाई के बाद मास्टर डिग्री हासिल करना चाहते हैं। इस नई पहल के तहत, पात्र छात्रों को सीधे मास्टर प्रोग्राम के दूसरे वर्ष (तीसरे सेमेस्टर) में प्रवेश दिया जाएगा।
प्रोग्राम की मुख्य विशेषताएं (Program Highlights)
IIMC ढेंकनाल का यह कदम उन मीडिया प्रोफेशनल्स और छात्रों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है जो कॉर्पोरेट जगत और ब्रांडिंग के क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करना चाहते हैं।
कौन कर सकता है आवेदन? (Eligibility)
संस्थान ने इस लैटरल एंट्री प्रोग्राम के लिए स्पष्ट पात्रता मानदंड निर्धारित किए हैं:
- पात्र पाठ्यक्रम: विज्ञापन एवं जनसंपर्क (ADPR), अंग्रेजी पत्रकारिता (EJ) और IIMC के अन्य पत्रकारिता कार्यक्रमों के PG डिप्लोमा (PGD) छात्र।
- पात्र परिसर: IIMC दिल्ली, ढेंकनाल और सभी क्षेत्रीय परिसरों के छात्र आवेदन के पात्र होंगे।
- बैच विवरण: पिछले पांच बैचों (2021-22 से 2025-26) के छात्र इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं।
चयन प्रक्रिया (Selection Process)
MA-CCBM के अंतिम वर्ष में प्रवेश केवल योग्यता के आधार पर होगा।
- प्रवेश परीक्षा: योग्य उम्मीदवारों को एक प्रवेश परीक्षा (Entrance Test) उत्तीर्ण करनी होगी।
- परीक्षा केंद्र: यह प्रवेश परीक्षा IIMC ढेंकनाल परिसर में आयोजित की जाएगी।
महत्वपूर्ण जानकारी और आगामी अपडेट
IIMC प्रशासन ने सूचित किया है कि विस्तृत अधिसूचना, आवेदन की प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तिथियों की घोषणा जल्द ही की जाएगी। इच्छुक उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया चैनलों के संपर्क में रहें।
| विवरण | जानकारी |
| संस्थान | भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), ढेंकनाल परिसर |
| प्रोग्राम | MA in Corporate Communication & Brand Management (CCBM) |
| प्रवेश का प्रकार | लैटरल एंट्री (सीधे द्वितीय वर्ष में) |
| सत्र | 2026–27 |
यह अवसर क्यों महत्वपूर्ण है?
IIMC को हाल ही में ‘डीम्ड यूनिवर्सिटी’ (Deemed to be University) का दर्जा मिला है, जिसके बाद संस्थान ने डिप्लोमा के बजाय डिग्री प्रोग्राम शुरू किए हैं। ‘लैटरल एंट्री’ की यह योजना उन हजारों पूर्व छात्रों के लिए एक सेतु (Bridge) की तरह है, जिन्होंने पहले डिप्लोमा किया था और अब अपने करियर में मास्टर डिग्री का मूल्य जोड़ना चाहते हैं।