हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर GST में छूट से जनता को मिलेगी बड़ी राहत
54वीं GST काउंसिल की मीटिंग का प्रमुख मुद्दा
नई दिल्ली में आयोजित 54वीं GST काउंसिल की बैठक में स्वास्थ्य और जीवन बीमा (हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस) पर जीएसटी (GST) छूट का महत्वपूर्ण मुद्दा चर्चा में रहा। वर्तमान में, इन बीमा प्रीमियमों पर 18% GST लागू होता है, जो इंश्योरेंस को महंगा बनाता है। बैठक में इस बात पर विचार किया गया कि GST को घटाकर प्रीमियम की लागत कम की जा सकती है, जिससे आम जनता को राहत मिलेगी।

हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर 18% GST
हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर वर्तमान में 18% GST लगाया जाता है, जिससे यह काफी महंगा हो जाता है। बीमा की पहुंच को आसान बनाने के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन को पत्र लिखकर इस GST को समाप्त करने या इसे कम करने की मांग की। अगर यह प्रस्ताव स्वीकार होता है, तो देश में बीमा उत्पादों की मांग में वृद्धि की उम्मीद की जा सकती है।
ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की नियुक्ति
GST काउंसिल की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर GST से संबंधित मुद्दे पर आगे विचार के लिए एक ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (GoM) का गठन किया जाएगा। यह समूह भविष्य की बैठकों में इस पर अंतिम निर्णय लेगा। दिल्ली सरकार की वित्त मंत्री आतिशी ने भी इस बात की पुष्टि की कि बैठक में इस मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा की गई।
रिसर्च ग्रांट पर GST हटाने का प्रस्ताव
GST काउंसिल की इस बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया, जिसमें रिसर्च ग्रांट पर लागू GST को हटाने की सहमति बनी। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि इस फैसले से युवाओं को रिसर्च के क्षेत्र में प्रोत्साहन मिलेगा और उन्हें आर्थिक सहायता मिलेगी।
चार धाम यात्रा के लिए हेलिकॉप्टर सर्विस पर GST में कटौती
उत्तराखंड के वित्त मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल ने चार धाम यात्रा के लिए हेलिकॉप्टर सेवा पर 18% GST को घटाकर 5% करने का प्रस्ताव रखा, जिसे काउंसिल ने मंजूरी दे दी। यह फैसला धार्मिक यात्रियों के लिए राहत लेकर आएगा और चार धाम यात्रा को और भी सुलभ बनाएगा।
GST कलेक्शन और भारतीय अर्थव्यवस्था
GST काउंसिल की इस बैठक में जुलाई 2024 के GST कलेक्शन के आंकड़ों पर भी चर्चा की गई, जिसमें 10.3% की वृद्धि देखी गई। यह देश की अर्थव्यवस्था में सुधार और विकास का संकेत है। अगस्त 2024 में 1.75 लाख करोड़ रुपये का GST संग्रह किया गया, जो अब तक का चौथा सबसे बड़ा मासिक संग्रह है।
1 जुलाई 2017 से लागू GST
भारत में GST को 1 जुलाई 2017 को लागू किया गया था, जिससे पहले लागू किए गए 17 अलग-अलग प्रकार के करों और 13 उपकरों को हटा दिया गया। GST ने कई इनडायरेक्ट टैक्स जैसे VAT, सर्विस टैक्स, एक्साइज ड्यूटी को प्रतिस्थापित किया। GST के चार मुख्य स्लैब हैं- 5%, 12%, 18% और 28%, जो विभिन्न उत्पादों और सेवाओं पर लगाए जाते हैं।
निष्कर्ष
अगर हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर GST को घटाया जाता है या समाप्त किया जाता है, तो यह आम जनता के लिए एक बड़ी राहत होगी। इसके साथ ही देश में बीमा उत्पादों की पहुंच और मांग में वृद्धि की उम्मीद की जा रही है। इस कदम से बीमा उद्योग को भी लाभ होगा, और लोगों को सस्ती स्वास्थ्य और जीवन बीमा योजनाओं का फायदा मिल सकेगा।