प्रसार भारती का बड़ा कदम: अब प्राइवेट क्रिएटर्स भी आकाशवाणी पर सुना सकेंगे अपनी आवाज़, नया ‘कंटेंट सोर्सिंग’ फ्रेमवर्क लॉन्च

नई दिल्ली: भारत के सार्वजनिक प्रसारक प्रसार भारती (Prasar Bharati) ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए स्वतंत्र कंटेंट क्रिएटर्स, प्रोडक्शन हाउस और राइट्स ओनर्स के लिए आकाशवाणी (Akashvani) के दरवाजे खोल दिए हैं। एक नए ‘कंटेंट सोर्सिंग फ्रेमवर्क’ के तहत अब निजी क्रिएटर्स रेडियो ड्रामा, पॉडकास्ट और संगीत जैसे कार्यक्रमों को देश के सबसे बड़े रेडियो नेटवर्क पर प्रसारित कर सकेंगे।

इस पहल का उद्देश्य आकाशवाणी के कंटेंट में विविधता लाना, क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देना और निजी भागीदारी के माध्यम से राजस्व (Revenue) के नए स्रोत बनाना है।


कंटेंट सोर्सिंग के तीन मुख्य बिजनेस मॉडल

प्रसार भारती ने निजी क्रिएटर्स के लिए तीन अलग-अलग कमर्शियल मॉडल पेश किए हैं, ताकि वे अपनी सुविधा के अनुसार संस्थान के साथ जुड़ सकें:

बिजनेस मॉडल की तुलना

मॉडल का नाममुख्य विशेषताराजस्व (Revenue) व्यवस्था
राजस्व साझाकरण (Revenue Sharing)उत्पादन लागत क्रिएटर की होगी।विज्ञापन से होने वाली आय प्रसार भारती और क्रिएटर के बीच साझा होगी।
प्रायोजित मॉडल (Sponsored Model)क्रिएटर प्रसार भारती को एक निश्चित शुल्क देगा।प्रायोजक को ब्रांड प्रमोशन के लिए कमर्शियल समय (Airtime) आवंटित किया जाएगा।
मुफ्त मॉडल (Gratis Model)कोई शुल्क या आय साझाकरण नहीं।प्रसार भारती के पास कंटेंट को अपने विवेक से भुनाने (Monetize) का पूरा अधिकार होगा।

किन फॉर्मेट्स में किया जा सकता है आवेदन?

आकाशवाणी ने विभिन्न प्रकार के ऑडियो कंटेंट के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। कंटेंट हिंदी, अंग्रेजी या किसी भी अधिसूचित क्षेत्रीय भाषा में हो सकता है।

  • ऑडियो ड्रामा और कहानियां: रेडियो नाटक और कहानी सुनाने वाली सीरीज।
  • डॉक्यूमेंट्री और फीचर्स: विशेष विषयों पर आधारित शोधपरक कार्यक्रम।
  • पॉडकास्ट और क्विज़: आधुनिक ऑडियो फॉर्मेट और ज्ञानवर्धक क्विज़ शो।
  • संगीत: शास्त्रीय, उप-शास्त्रीय, सुगम और लोक संगीत पर आधारित शो।

तकनीकी मानदंड: प्रत्येक एपिसोड की अवधि 14 मिनट या 28 मिनट होनी चाहिए। साथ ही, सभी कंटेंट को ‘ऑल इंडिया रेडियो ब्रॉडकास्ट कोड’ का पालन करना अनिवार्य है।


चयन प्रक्रिया और आवेदन (Eligibility & Selection)

इस फ्रेमवर्क में व्यक्तिगत क्रिएटर्स, पार्टनरशिप फर्म, LLP और कंपनियां भाग ले सकती हैं।

  • विकेंद्रीकृत कार्यान्वयन: कंटेंट सोर्सिंग की शक्ति अब क्षेत्रीय चैनल प्रबंधकों और केंद्र प्रमुखों को दी गई है। देशभर में 50 क्लस्टर्स (जैसे मुंबई, दिल्ली, वाराणसी, पुणे आदि) की पहचान की गई है।
  • मूल्यांकन: शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को अपने कंटेंट का प्रीव्यू और वित्तीय दस्तावेज जमा करने होंगे। अंतिम चयन एक मूल्यांकन समिति द्वारा किया जाएगा।
  • आवेदन की तिथि: प्रस्ताव जमा करने की अंतिम तिथि 31 मई 2026 है।

यह अवसर क्यों महत्वपूर्ण है?

आकाशवाणी की पहुंच भारत के दूर-दराज के गांवों से लेकर महानगरों तक है। प्राइवेट क्रिएटर्स के लिए यह एक ऐसा मंच है जहां वे करोड़ों श्रोताओं तक पहुंच सकते हैं। डिजिटल स्ट्रीमिंग और निजी रेडियो के दौर में, प्रसार भारती का यह कदम आकाशवाणी को एक आधुनिक और सहयोगी प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित करेगा।


महत्वपूर्ण लिंक्स और जानकारी

  • अंतिम तिथि: 31 मई 2026
  • आवेदन का माध्यम: संबंधित क्षेत्रीय आकाशवाणी केंद्र के नोडल अधिकारी को ईमेल द्वारा।

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