
भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले डॉ. अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर (DAIC) ने यंग प्रोफेशनल्स (Young Professionals) की भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है । यह केंद्र 15, जनपथ, नई दिल्ली में स्थित है और सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन एवं बौद्ध अध्ययन के क्षेत्र में शोध और नीति निर्माण के लिए एक ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में कार्य करता है ।
अगर वह सामाजिक मुद्दों पर शोध और नीतिगत विश्लेषण के माध्यम से समाज में बदलाव लाने का जज्बा रखते हैं, तो यह उनके लिए एक बेहतरीन करियर अवसर है ।
भर्ती का विवरण (Vacancy Highlights)
यह नियुक्तियां पूरी तरह से संविदा (Contractual) आधार पर प्रारंभिक रूप से एक वर्ष के लिए की जाएंगी ।
| विवरण | जानकारी |
| संस्थान | डॉ. अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर (DAIC), मंत्रालय |
| पद का नाम | यंग प्रोफेशनल (Young Professional) |
| कुल रिक्तियां | 02 |
| वेतन (Salary) | ₹35,000 प्रति माह (नियत) |
| साक्षात्कार की तिथि | 16 फरवरी 2026 |
पात्रता और अनुभव (Eligibility & Experience)
- शैक्षणिक योग्यता: किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से न्यूनतम 55% अंकों के साथ स्नातक (Graduate) डिग्री ।
- अनुभव: किसी प्रतिष्ठित फर्म या सरकारी संस्थान में कम से कम एक वर्ष का कार्य अनुभव अनिवार्य है ।
- आयु सीमा: विज्ञापन प्रकाशन की तिथि तक उम्मीदवार की आयु 40 वर्ष से कम होनी चाहिए ।
- वांछनीय योग्यता: सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन के क्षेत्र में विशेषज्ञता, MS Office का ज्ञान और हिंदी एवं अंग्रेजी में अच्छा संवाद कौशल ।
साक्षात्कार और आवेदन प्रक्रिया (How to Apply)
इस पद के लिए चयन वॉक-इन इंटरव्यू के माध्यम से किया जाएगा ।
- समय: सुबह 09:30 बजे से 11:30 बजे तक (रजिस्ट्रेशन 11:30 बजे बंद हो जाएगा) ।
- स्थान: डॉ. अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर (DAIC), 15, जनपथ, नई दिल्ली – 110001 ।
- दस्तावेज़: उम्मीदवारों को अपने साथ आवेदन फॉर्म, अपडेटेड सीवी, पहचान प्रमाण और सभी शैक्षणिक एवं अनुभव प्रमाण पत्रों के दो सेट (स्व-सत्यापित फोटोकॉपी) लाने होंगे ।
महत्वपूर्ण लिंक्स
- आधिकारिक अधिसूचना: यहाँ क्लिक करें
महत्वपूर्ण शर्तें
- छुट्टी: एक वर्ष के कार्यकाल के दौरान कुल 8 दिन की छुट्टी की पात्रता होगी ।
- कार्य समय: वर्किंग ऑवर्स सेंटर के नियमित कर्मचारियों के समान ही होंगे ।
- अनुबंध: यह नियुक्ति विशुद्ध रूप से अस्थाई है और इसके आधार पर भविष्य में नियमितीकरण का कोई दावा नहीं किया जा सकेगा ।