
नई दिल्ली: पत्रकारिता और मीडिया के क्षेत्र में चार साल का सफल अनुभव रखने वाले युवा पत्रकार मनीष कुमार ने अब केंद्र सरकार के श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय (Ministry of Labour and Employment) में सीनियर सोशल मीडिया एग्जीक्यूटिव के रूप में अपनी नई पारी की शुरुआत की है। यह बदलाव उनके करियर की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो मीडिया के तेज-तर्रार माहौल से निकलकर नीति-निर्माण और जन-संवाद के सरकारी क्षेत्र में प्रवेश को दर्शाता है।
पत्रकारिता का मजबूत आधार और बहुआयामी अनुभव
मनीष कुमार का पेशेवर सफर न्यूज18 में एक मीडिया ट्रेनी के रूप में शुरू हुआ और उन्हें एक मजबूत पत्रकारिता का आधार दिया। इसके बाद उन्होंने देश के प्रमुख समाचार संस्थानों, जिनमें टाइम्स नाउ नवभारत, एबीपी न्यूज़, इंडिया न्यूज़, और द इकोनॉमिक टाइम्स शामिल हैं, में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाईं। मंत्रालय में शामिल होने से ठीक पहले, वह द इकोनॉमिक टाइम्स में सीनियर एडिटर (ग्लोबल बीट) के तौर पर कार्यरत थे।
शिक्षा और चुनावी रिपोर्टिंग में विशेषज्ञता
मनीष की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी उनके मजबूत करियर को दर्शाती है। उन्होंने प्रतिष्ठित जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है, साथ ही जामिया से ही राजनीति विज्ञान में भी डिग्री ली है।
रिपोर्टिंग के मोर्चे पर, मनीष ने कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय घटनाओं को कवर किया है, जिनमें 2020 बिहार चुनाव, 2021 किसान विरोध प्रदर्शन, और हाल ही में हुए 2024 लोकसभा चुनाव शामिल हैं। इन अनुभवों ने उन्हें ज़मीनी हकीकत और बड़े घटनाक्रमों को समझने की गहरी पैठ दी है, जो उन्हें मंत्रालय में अपनी नई भूमिका में सामाजिक मुद्दों पर प्रभावी संचार करने में मदद करेगी।
मीडिया मेंटरशिप: 50+ नौकरियों और अंतर्राष्ट्रीय पहचान का सफर
अपनी व्यस्त पत्रकारिता के करियर के साथ-साथ, मनीष कुमार ने समाज को वापस लौटाने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल की है। वह एक मीडिया मेंटरशिप प्रोग्राम भी चलाते हैं, जिसके माध्यम से उन्होंने अब तक 50 से अधिक छात्रों को रोज़गार और 100 से अधिक छात्रों को इंटर्नशिप दिलाने में मार्गदर्शन किया है।
इस उल्लेखनीय पहल के लिए उन्हें यूके-आधारित एनजीओ ग्लोबल मीडिया इनिशिएटिव द्वारा सम्मानित किया जा चुका है, जो उनके समर्पण और प्रभाव को दर्शाता है। उनकी मेंटरशिप प्रोफाइल को टाइम्स स्क्वायर पर भी फीचर किया गया था, जो उन्हें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाता है।