
उत्तराखंड के उत्तरकाशी से एक दिल दहला देने वाली और रहस्यमय खबर सामने आई है। स्थानीय मुद्दों पर बेबाकी से रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार राजीव प्रताप का शव भागीरथी नदी में जोशियारा बैराज से बरामद किया गया है। लगभग 36 वर्षीय राजीव, जो ‘दिल्ली उत्तराखंड लाइव’ नाम का एक डिजिटल न्यूज़ चैनल चलाते थे, पिछले कई दिनों से लापता थे। उनकी मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिन पर से पर्दा उठना बाकी है।
लापता होने से पहले मिली थी धमकी
IIMC के पूर्व छात्र रहे राजीव प्रताप, अपनी निर्भीक पत्रकारिता के लिए जाने जाते थे। हाल ही में उन्होंने उत्तरकाशी ज़िला अस्पताल की जर्जर स्थिति और एक स्थानीय स्कूल में गड़बड़ियों को लेकर खबरें प्रसारित की थीं।
उनकी पत्नी के मुताबिक, ये वीडियो अपलोड करने के बाद राजीव को लगातार धमकियाँ मिल रही थीं और उन पर वीडियो हटाने का दबाव बनाया जा रहा था।
16 सितंबर (या उसके आसपास) को पत्रकार राजीव प्रताप गंगौरी-भटवारी की ओर जाते हुए लापता हो गए थे। 18 सितंबर की देर रात उनका आखिरी संदेश उनकी पत्नी तक नहीं पहुँच पाया। पत्नी ने बताया कि उन्होंने फोन पर उन्हें बताया था कि धमकियों के कारण उन्हें घबराहट हो रही है।
सड़क हादसा या साज़िश? परिवार ने जताया अपहरण का शक
19 सितंबर को उनकी कार गंगौरी के पास भागीरथी नदी से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हालत में मिली थी। कई दिनों की तलाश के बाद, रविवार को उनका शव नदी के जोशियारा बैराज से बरामद हुआ।
पुलिस प्रथम दृष्टया इसे सड़क हादसा मान रही है। पुलिस का कहना है कि ऐसा लगता है कि उनकी कार फिसलकर उफनती नदी में गिर गई होगी।
लेकिन राजीव प्रताप का परिवार इस बात को मानने से साफ इनकार कर रहा है। परिवार का दावा है कि यह हादसा नहीं, बल्कि अपहरण का मामला है। उनका कहना है कि राजीव यूँ ही सड़क से नहीं गिरे, बल्कि उनकी मौत के पीछे कोई साजिश है।