बोर्ड ने दी औपचारिक मंज़ूरी
मीडिया और विज्ञापन क्षेत्र से जुड़ी एक बड़ी ख़बर आई है। मीडिया रिसर्च यूज़र्स काउंसिल ऑफ इंडिया (MRUCI) ने अपने नए चेयरमैन के रूप में विज्ञापन जगत के अनुभवी प्रोफेशनल विक्रम सखूजा को चुना है। इस नियुक्ति की पुष्टि e4m को मिली उच्च-स्तरीय सूत्रों ने की है। विक्रम साहूजा, जागरण मीडिया के शैलेश गुप्ता का स्थान लेंगे।
वार्षिक महासभा (Annual General Meeting) के दौरान बोर्ड ने इस नियुक्ति को मंज़ूरी दी। अब तक MRUCI के वाइस चेयरमैन रहे साहूजा, इस बार चेयरमैन की भूमिका निभाएंगे।

इसके अलावा, ABP प्राइवेट लिमिटेड के CEO ध्रुब मुखर्जी को वाइस चेयरमैन चुना गया है। वहीं, IPG Mediabrands के एक्ज़िक्यूटिव चेयरमैन शशि सिन्हा को IRS टेक्निकल कमेटी का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है। साहूजा इससे पहले इसी तकनीकी समिति का नेतृत्व कर चुके हैं और दो साल पूर्व भी MRUCI के चेयरमैन रह चुके हैं।
विक्रम सखूजा का अनुभव और प्रोफ़ाइल
- IIT दिल्ली और IIM कोलकाता के पूर्व छात्र
- 38 वर्षों से अधिक का अनुभव
- मार्केटिंग क्षेत्र में (P&G, Coca-Cola)
- मीडिया में (Star TV)
- विज्ञापन और एजेंसी प्रबंधन में (Mindshare, GroupM, Maxus Worldwide, Madison)
साहूजा पहले Global CEO – Maxus Worldwide, Global Strategy Development Officer – GroupM, CEO – GroupM South Asia, और CEO – Mindshare South Asia जैसे शीर्ष पदों पर कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे Partner Group CEO – Madison Media & OOH हैं।
ध्रुब मुखर्जी और शशि सिन्हा की उपलब्धियाँ
- ध्रुब मुखर्जी: MBA (Calcutta University), London School of Economics और Harvard Business School से उच्च शिक्षा। 1997 से ABP समूह से जुड़े हुए हैं।
- शशि सिन्हा: IIT और IIM बैंगलोर के पूर्व छात्र। लगभग 40 वर्षों का अनुभव। भारत की पहली विशेषीकृत मीडिया एजेंसी Lodestar की शुरुआत से लेकर 2012 से अब तक IPG Mediabrands India के CEO रहे हैं। उन्होंने BARC, The Ad Club और ABC जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं का नेतृत्व भी किया है।
क्यों अहम है यह बदलाव?
MRUCI भारतीय मीडिया और विज्ञापन उद्योग की सबसे महत्वपूर्ण संस्थाओं में से एक है। नए नेतृत्व के साथ, काउंसिल से अपेक्षा है कि वह मीडिया रिसर्च, पारदर्शिता और विश्वसनीय डेटा कलेक्शन प्रक्रियाओं में नई ऊर्जा और रणनीतिक दिशा लेकर आएगी। विक्रम साहूजा के लंबे अनुभव से उद्योग को नए अवसर और नीतिगत सुधार मिलेंगे।