ईरान ने इजरायल पर सैकड़ों मिसाइलों की वर्षा कर दी..

आखिरकार, इज़राइल ने 25 दिनों बाद अपने ऊपर हुए हमलों का करारा जवाब ईरान को दिया। इज़राइल ने 26 अक्टूबर को तड़के 2:15 बजे ईरान पर ताबड़तोड़ 100 से अधिक मिसाइलें दागीं। यह सिलसिला लगातार सुबह 5:00 बजे तक जारी रहा। इज़राइल ने इस हमले में 100 फाइटर जेट्स का उपयोग कर ईरान के 20 सैन्य ठिकानों, मिसाइल फैक्ट्रियों सहित कई हथियारों के भंडारों को नष्ट कर दिया। ईरान ने भी इस बात की पुष्टि की है कि इज़राइल ने उसके तीन राज्यों — ईलाम, कुज़ेस्तान और तेहरान पर हमले किए हैं। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों से अधिक नुकसान नहीं हुआ; कई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया। इस हमले में दो ईरानी सैनिकों की मौत की खबर है।

बीते दिनों, इज़राइल ने एयरस्ट्राइक कर हिज़बुल्ला के चीफ हसन नसरुल्लाह और हमास के चीफ इस्माइल हानिया को मार गिराया था, जिसके जवाब में ईरान ने 1 अक्टूबर को इज़राइल पर ताबड़तोड़ 200 मिसाइलों की वर्षा कर दी। ईरान के इस एक्शन के बाद इज़राइल ने ईरान को भयंकर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी थी। इसके बाद कई पश्चिमी मीडिया आउटलेट्स ने यह खबर छापी कि इज़राइल अब ईरान के तेल कारखानों और परमाणु संयंत्रों पर हमला कर सकता है। इज़राइल ने भी इसी तरह के संकेत दिए थे, जिसके बाद मिडल ईस्ट सहित पश्चिमी देशों में चर्चा तेज हो गई।

जब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से एक पत्रकार ने पूछा कि “क्या इज़राइल ईरान के तेल कारखानों और परमाणु साइट्स पर हमला करेगा?” तो बाइडेन ने इज़राइल को ऐसा करने से मना किया और ऐसी स्थिति में अमेरिका का समर्थन न देने की बात कही। इसके बाद, इज़राइल ने अपनी रणनीति में बदलाव किया।

इज़राइल ने सबसे पहले सीरिया के रडार सिस्टम को नष्ट किया, और फिर ईरान में प्रवेश से पहले उसके एयर डिफेंस सिस्टम और रडार को तबाह कर दिया। इज़राइल ने इस हमले में F-35 फाइटर जेट का उपयोग किया था, जिसकी रफ्तार 2000 किलोमीटर प्रति घंटे तक होती है और जो हवा से हवा और हवा से सतह तक मार करने में सक्षम है।

ईरान पर हुए इस हमले को लेकर सऊदी अरब ने निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभुता का उल्लंघन बताया। वहीं, अमेरिका ने इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमले को अपनी सुरक्षा में किया गया एक्शन बताया।

इज़राइल ने बयान जारी कर कहा कि यह कार्रवाई 1 अक्टूबर को इज़राइल पर हुए हमले के जवाब में की गई है। इज़राइल पर पिछले साल 7 अक्टूबर, 2023 से ईरान के सहयोगियों द्वारा 7 अलग-अलग मोर्चों से हमले किए जा रहे हैं। इन मोर्चों में शामिल हैं — ईरान, सीरिया, गाज़ा में हमास, लेबनान में हिज़बुल्ला, यमन में हूती विद्रोही, इराक में शिया फोर्स और साइबर युद्ध।

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