आंध्र प्रदेश के श्री सिटी में निर्मित नई मेट्रो ट्रेनें, फेज 4 के 65 किलोमीटर नेटवर्क के लिए पूरी तरह से चालक रहित होंगी
दिल्ली मेट्रो के फेज 4 में अब पूरी तरह से स्वचालित और चालक रहित ट्रेनें चलेंगी। आंध्र प्रदेश के श्री सिटी में निर्मित इन ट्रेनों में से पहली ट्रेन को सोमवार को दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) को सौंप दिया गया। यह ट्रेन सड़क मार्ग से कंटेनर ट्रक के जरिये दिल्ली रवाना कर दी गई है, जो अक्टूबर में दिल्ली पहुंचेगी। डीएमआरसी द्वारा इन ट्रेनों को फेज 4 के निर्माणाधीन तीन प्रमुख कॉरिडोर – जनकपुरी पश्चिम से आरके आश्रम, मौजपुर से मजलिस पार्क, और तुगलकाबाद से एरोसिटी के लिए खरीदा गया है।

फेज 4 का नेटवर्क करीब 65 किलोमीटर लंबा है, जिसमें तीन कॉरिडोर शामिल हैं। जनकपुरी पश्चिम से आरके आश्रम कॉरिडोर मौजूदा मजेंटा लाइन का विस्तार होगा, जबकि मौजपुर-मजलिस पार्क कॉरिडोर पिंक लाइन की परियोजना का हिस्सा है। तुगलकाबाद से एरोसिटी कॉरिडोर को गोल्डन लाइन के रूप में जाना जाएगा। इन ट्रेनों की अधिकतम गति 95 किलोमीटर प्रति घंटे होगी और इन्हें 85 किलोमीटर प्रति घंटे की औसत गति से संचालित किया जाएगा।
डीएमआरसी ने नवंबर 2022 में छह कोच वाली 52 ट्रेनों (कुल 312 कोच) का ऑर्डर दिया था, जिनका निर्माण मेक इन इंडिया पहल के तहत इस साल फरवरी में शुरू हुआ। डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक विकास कुमार ने इस परियोजना को दिल्ली मेट्रो के फेज 4 के लिए महत्वपूर्ण बताया है।
पहली ट्रेन के सभी छह कोच अक्टूबर में दिल्ली में पिंक लाइन के डिपो में पहुंच जाएंगे, जहां इन्हें जोड़कर ट्रेन का ट्रायल किया जाएगा। इसके बाद अन्य ट्रेनें भी चरणबद्ध तरीके से दिल्ली पहुंचाई जाएंगी। इन ट्रेनों का उपयोग गोल्डन लाइन, मजेंटा लाइन और पिंक लाइन के विस्तार में किया जाएगा।