वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए पूर्ण बजट पेश किया। यह उनका लगातार सातवां बजट है। सीतारमण ने लोकसभा में बजट पेश करते हुए कहा कि भारत के लोगों ने नरेन्द्र मोदी नीत सरकार में एक बार फिर विश्वास दिखाया और उसे तीसरे कार्यकाल के लिए फिर से चुना है। सीतारमण ने कहा कि जहां वैश्विक अर्थव्यवस्था अब भी नीतिगत अनिश्चितता की चपेट में है.
केंद्रीय बजट से महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों का समाधान नहीं निकलेगा तथा यह सरकार की विफलताओं को छिपाने की कोशिश भर है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने एक बयान में कहा कि संपत्ति या विरासत कर लाने या लोगों पर अप्रत्यक्ष कर के बोझ को कम करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। उसने आरोप लगाया कि यह गरीबों को और अधिक गरीब तथा अमीर को और अमीर बनाएगा।

आम बजट 2024-25 को बीजद ने ‘ओडिशा विरोधी’ बताया
विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) और कांग्रेस ने मंगलवार को पेश केंद्रीय बजट 2024-25 को ‘ओडिशा विरोधी’ करार दिया। दोनों दलों ने दावा किया कि केंद्र ने राज्य की वाजिब चिंताओं को नजर अंदाज किया है।
उम्मीदों वाला कम बल्कि उन्हें मायूस करने वाला बजट – बसपा सुप्रीमो मायावती
उप्र की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने मंगलवार को संसद में पेश केन्द्रीय बजट को ‘अच्छे दिन’ की उम्मीदों वाला कम बल्कि उन्हें मायूस करने वाला ज्यादा बताया है। बसपा प्रमुख मायावती ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि ”संसद में आज पेश केन्द्रीय बजट अपने पुराने ढर्रे पर कुछ मुट्ठी भर अमीर व धन्ना सेठों को छोड़कर देश के गरीबों, बेरोजगारों, किसानों, महिलाओं, मेहनतकशों, वंचितों के जीवन से मुक्ति हेतु ’अच्छे दिन’ की उम्मीदों वाला कम बल्कि उन्हें मायूस करने वाला ज्यादा है।
बजट पर शिवराज सिंह चौहान क्या बोला
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को केंद्रीय बजट 2024-25 की सराहना करते हुए इसे कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ‘वरदान’ बताया और कहा कि यह एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत का मार्ग प्रशस्त करता है। चौहान ने कहा कि बजट 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की रूपरेखा प्रस्तुत करता है।